सफल रिटायरमेंट के सपनों को साकार करें

उद्देश्य के साथ बचत शुरू करने खुद से ये चार मुख्य सवाल पूछें—और अपने जीवन का भी आनंद लें। 

मुख्य बातें:

  • 20 से 50 साल के बीच की उम्र वाले लोग, रिटायरमेंट की योजना बनाने को हमेशा ज़्यादा प्राथमिकता नहीं देते हैं, लेकिन एक वित्तीय योजना बनाने से इसे कम और लंबी अवधी के लक्ष्यों का अनुमान लगाने में मदद मिल सकती है।
  • रिटायरमेंट के बाद आप किसके साथ रहेंगे और क्या करेंगे, इस पर विचार करने से आपको योजना बनाने के लिए प्रेरणा मिल सकती है।
  • योजना बनाने से आपको यह देखने में भी मदद कर सकती है कि क्या आप अपने सभी लक्ष्यों को पाने की सही राह पर चल रहे हैं। साथ ही, इससे प्राथमिकताओं में बदलाव आने पर खर्च और बचत के बीच के तालमेल को समझने में मदद मिल सकती है। जल्दी शुरुआत करें।

यह एक बहुत ही सामान्य रहस्य है: 20 से 50 साल के बीच की उम्र वाले लोग, वास्तव में रिटायरमेंट की योजना बनाने के बारे में बहुत ज़्यादा नहीं सोचते हैं। बच्चे की पढ़ाई के खर्च, घर के डाउन पेमेंट के लिए बचत करने, और कर्ज चुकाने को अक्सर सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी जाती है।

अच्छी खबर यह है कि आप एक वित्तीय योजना के साथ अपने खर्च को मैनेज कर सकते हैं और—रिटायरमेंट सहित—अपने सभी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रास्ते बना सकते हैं। एक साफ़ और सटीक योजना आपको अपने सभी लक्ष्यों को बेहतर तरीके से हासिल करने में मदद कर सकता है और आने वाले समय में होने वाले आपके रिटायरमेंट को आपके बाकी जीवन के संदर्भ में देखने में सहायता कर सकता है।

चार-चरण वाली यह प्रक्रिया आपकी रिटायरमेंट के लक्ष्यों की कल्पना करने में सहायता कर सकती है। 

1. आप किसके लिए योजना बना रहे हैं? 

आप रिटायरमेंट के बाद अपने साथ किसे देखते हैं? रिश्ते, लोगों के जीवन और उनकी वित्तीय प्राथमिकताओं में अक्सर एक अहम भूमिका निभाते हैं। आप भविष्य में अपने रिश्तों को कैसे देखते हैं और आप उनमें क्या योगदान देना चाहते हैं? इसका जवाब हर किसी के लिए अलग होगा।

हो सकता है कि आपको समुद्र के किनारे ऐसा घर चाहिए हो जहां आपका परिवार इकट्ठा हो सके या आप अपने पोते-पोतियों की शिक्षा का कुछ (या पूरा) खर्च उठाना चाहते हों। आपका विज़न, भविष्य की पीढ़ियों के लिए या उन उद्देश्यों के लिए विरासत छोड़ना हो सकता है जिनमें आपको विश्वास है। इसके अलावा, शायद आपको रिटायरमेंट में सुरक्षा चाहिए हो और यह जानना हो कि आपकी स्वास्थ्य की देखभाल संबंधी किसी भी ज़रूरत का ध्यान रखा जाएगा।

आपके लिए क्या और कौन ज़रूरी है, यह जानने से आपको यह बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है कि आप कितनी बचत करना चाहते हैं और आपकी समय-सीमा क्या है। 

2. आपको रिटायरमेंट लेने के बाद में क्या करना है? 

कुछ लोगों के लिए, रिटायरमेंट का मतलब काम को अलविदा कहना होता है और जल्द से जल्द उस तक पहुंचना ही उनकी प्राथमिकता होती है। दूसरी ओर, हो सकता है कि आपने कभी अपने रिटायरमेंट के बारे में न सोचा हो, लेकिन कम मेहनत वाली नौकरी का विकल्प चाहते हों।

रिटायरमेंट के बाद आप अपना रोज़मर्रा का जीवन कैसे बिताना चाहते हैं, इस बारे में सोचने से आपको यह समझने में मदद मिल सकती है कि आपके खर्च क्या हो सकते हैं। आप कितना खर्च कर सकते हैं, यह जानने से आपको बचत और निवेश की रणनीतियां बनाने में मदद मिल सकती है। इससे आपको रिटायर होने का फ़ैसला लेने में भी मदद मिलेगी।

अपने भविष्य के रिटायरमेंट खर्चों में हेल्थ केयर की लागतों को शामिल करना न भूलें। ये आपके देश में सरकारी सुविधाओं के बावजूद, आपके लिए अहम साबित हो सकती हैं। 

3. रिटायरमेंट आपके बाकी लक्ष्यों के साथ कैसे शामिल होता है? 

इसकी संभावना बहुत ज़्यादा है कि रिटायरमेंट हमेशा आपकी सबसे पहली प्राथमिकता न हो; हो सकता है कि अभी आप जीवनशैली से जुड़े फैसलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हों। उदाहरण के लिए, शायद आपको किसी अच्छे स्कूल डिस्ट्रिक्ट में नया घर खरीदना हो: इससे आपकी जीवनशैली बेहतर हो सकती है, आपके बच्चों की शैक्षिक संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं, हो सकता है इससे काम पर आने-जाने का सफर भी बेहतर हो जाए—यह सब पूरी तरह समझा जा सकता है।

इन सबसे आज आपको अपने खर्चों को संतुलित करने में मदद मिलेगी, जिसमें आप कम और ज़्यादा, दोनों अवधियों के लिए बचत कर सकेंगे। योजना बनाना आपको वह संतुलन स्थापित करने और अभी अपना जीवन जीते हुए भविष्य में जो आप करना चाहते हैं, उसकी दिशा तय करने में मदद कर सकता है।

आपको यह अकेले करने की ज़रूरत नहीं है। पेशे के तौर पर वित्तीय सलाह देने वाला व्यक्ति आपके लक्ष्यों की प्राथमिकता तय करने में मदद कर सकता है या अगर आपको अपने रिटायरमेंट के लक्ष्यों को कम प्राथमिकता देनी हो, तो उनकी भरपाई करने के लिए रणनीतियां तैयार करने में सहायता कर सकता है। 

4. क्या आप अपने लक्ष्यों को हासिल करने की सही राह पर हैं? 

अगला कदम अपने लक्ष्यों के बारे में सोचने से लेकर उनका पालन करने की योजना बनाने तक का है।  

अपनी मौजूदा जीवनशैली के बारे में सोचें और इस पर विचार करें कि रिटायरमेंट में आपके खर्च कैसे बढ़ या घट सकते हैं। अपने अनुमानों में स्पष्टता रखें। इस बारे में सोचें कि रिटायरमेंट में आप किसके साथ समय बिता सकते हैं और आप क्या कर रहे होंगे। उदाहरण के लिए, अगर आपको लगता है कि आपको परिवार को सपोर्ट करना होगा, तो इस बात का ध्यान रखें। अगर आप रिटायरमेंट के बाद यात्रा करना चाहते हैं, तो इस बारे में सोचें कि आप हर साल कितनी यात्राएं कर सकते हैं और वे कितनी महंगी हो सकती हैं।

अपने सालाना खर्च का अनुमान लगाने से आपको यह देखने में मदद मिल सकती है कि क्या आप अभी पर्याप्त बचत कर रहे हैं। हो सकता है कि आपको और बचत करनी हो या वेतन में बढ़ोतरी होने पर या आपने कम अवधि वाले अपना कोई लक्ष्य हासिल करने पर, आपको अपने रिटायरमेंट में योगदान बढ़ाना हो।

रिटायरमेंट के लिए बचत करने में समय एक अहम भूमिका निभाता है। आप जितनी जल्दी बचत और निवेश करने में सक्षम होंगे, आपके पैसे को संभावित रूप से बढ़ने के लिए उतना ही अधिक समय मिलेगा—और रिटायरमेंट के लिए योजना बनाने में आपकी स्थिति उतनी ही बेहतर हो सकती है। अगर आप अभी कम बचत करने का विकल्प चुनते हैं, तो इन तीन विकल्पों पर विचार करें: बाद में ज़्यादा बचत करें, ज़्यादा समय तक काम करें, या रिटायरमेंट के बाद कम खर्च करें या इन तीनों विकल्पों का कोई संयोजन अपनाएं।

एक चौथा विकल्प भी हो सकता है: रिटायरमेंट के बाद भी काम करना जारी रखें। हो सकता है कि आप पूर्णकालिक काम न करें, लेकिन कई लोग किसी न किसी रूप में काम करना जारी रखते हैं। भले ही वे आधिकारिक तौर पर खुद को रिटायर मानते हों।

योजना बनाना ज़रूरी है क्योंकि यह आपको विकल्प देता है। जीवन में ऐसी बहुत कम चीज़ें होती हैं जो आपके हिसाब से सुचारू रूप से चलें—इसमें रिटायरमेंट की योजना बनाना भी शामिल है। भले ही रिटायरमेंट के लिए बचत करना हर समय आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता न हो, फिर भी आप इसके लिए बचत कर सकते हैं। एक लचीली योजना आपको इस बारे में सोच-समझकर फैसला लेने में मदद कर सकती है कि आप अभी क्या चाहते हैं और भविष्य में क्या चाहेंगे। जैसे-जैसे आपकी ज़रूरतें बदलती हैं, वैसे-वैसे आपकी योजना भी बदल सकती है।

भले ही आप रिटायरमेंट के लक्ष्यों को हासिल करने की राह से भटक गए हों, लेकिन मंज़िल पता होने से उस तक पहुंचने के कई तरीके ढूंढने में बहुत मदद मिलती है। 

अपना लक्ष्य तय करें

जब आपको रास्ते या मंज़िल का पता न हो, तो दौड़ पूरी करना काफ़ी मुश्किल हो जाता है। शुरुआत में समय निकालकर यह तय करना कि आपके रिटायरमेंट के खर्चे क्या हो सकते हैं और आप कब रिटायर हो सकते हैं, आपके रिटायरमेंट के लिए बचत की मैराथन में आपको मंज़िल देखने में मदद कर सकता है।

अपने रिटायरमेंट के बाद के खर्चों का अनुमान लगाने के बाद, एक योजना बनाएं। इसमें किसी वित्तीय सलाहकार की मदद लेना सबसे सही विकल्प होता है।

अपनी रिटायरमेंट के लिए अनुमान लगाने में समय लग सकता है, लेकिन इसके लिए समय देना सही है। यह थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन जल्दी कार्रवाई करने और प्रक्रिया को एक-एक कदम करके पूरा करने से आपको नियंत्रण महसूस करने और यह विश्वास रखने में मदद मिल सकती है कि आप सही रास्ते पर हैं।
 

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